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Monday, January 1, 2018

Technology #3 – इंडक्शन कैसे काम करता हैं!!!

नमस्कार दोस्तों ,
मेरा नाम हैं, प्रेम और आप हैं I LEARN, WE LEARN पर ।

हम मे से तकरीबन बहुत से घरों मे इंडक्शन होता हैं , जिसमे हम खाना पकाते हैं , एक समय था जब हर घर मे हीटर का प्रयोग होता था , लेकिन आज उसकी जगह इंडक्शन ने ले ली हैं , इंडक्शन उपयोग मे सरल और सुविधापूर्ण हैं । लेकिन इसके आधुनिक डिज़ाइन, इसके प्रचलन की मुख्य वजह हैं । इंडक्शन की सबसे प्रमुख बात यह हैं की यह कम समय मे आपके खाद्य सामाग्री को गर्म करता हैं । तो आखिर ये कैसे होता हैं , तो आइये जान लेते हैं हैं की ये कैसे काम करता हैं ।

इंडक्शन प्रमुखत; विधुत-प्रेरण पर काम करता हैं, इंडक्शन के अंदर कॉपर की क्वाइल(coil) होती हैं, जब हम इंडक्शन को चालू करते हैं ,तो धारा बहते हुए क्वाइल मे पहुँचती हैं, ये कोपर की कुंडली उसमें एक चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करती हैं जिसके संपर्क मे कोई भी स्टील का बर्तन आने से उसके अंदर रखी खाद्य-सामाग्री गरम होने जाता हैं ।

इंडक्शन कूकिंग सिस्टम के 2 पार्ट होते होते हैं ,

1.      .
 क्वाइल (कॉपर कुंडली) - ये कुंडली चित्र मे ढिखाए अनुसार होती हैं जब उसमे विधुत-धारा प्रभावित होती हैं  वह कुंडली एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती हैं । ये चुंबकीय क्षेत्र केवल किसी भी मेटलीक पदार्थ को ही प्रभवित करती हैं बाकी कोई भी अन्य वस्तु पर यह कोई प्रतिक्रिया नहीं देती हैं ।


2.       बर्तन – इंडक्शन-कुक-टॉप पर हर प्रकार के बर्तन काम नहीं करते हैं , ऐसे बर्तन जो आइरन या आइरन बेस्ड हो उन पर ही यह काम करता हैं । बहुत से स्टेनलेस बर्तन पर यह काम करता हैं क्यूकी उनमे कहीं न कहीं आइरन की मात्रा होती हैं । बहुत से कास्ट-आइरन और नॉन-स्टिक बर्तन भी इंडक्शन पर काम करते हैं ।

जब आप इंडक्शन को चालू करते हैं तो विधुत धारा आपके क्वाइल मे पहुँचती हैं और इसमे बहने लगती हैं कॉपर की क्वाइल विहुत धारा-पाकर एक अस्थिर चुंबकीय क्षेत्र बनती हैं, जिसमे किसी भी प्रकार की ऊष्मा या गर्मी नहीं होती हैं । जब आप इस पर इंडक्शन पर काम करने वाले बर्तन रखते हैं तब ये कॉपर की कुंडली बर्तन के धातु में छोटे विद्युत प्रवाह को प्रेरित करता है चूंकि आइरन विद्युत का बुरा सुचालक होता हैं, तो आपके बर्तन के माध्यम से बहता हुआ करंट, एक प्रतिरोधक हीटिंग या ऊष्मा भी उत्पन्न करता है, जिसके कारण भोजन को पकाने हेतु जरूरी गर्मी प्राप्त हो जाती हैं । चूंकि इसमे ऊष्मा का कहीं हानि नहीं हैं, आपका बर्तन जीतने सतह पर होगा उसके अंदर ही ऊष्मा पैदा होगी इसलिए इसमे कम समय मे खाना पाक जाता हैं ।

तो उम्मीद करता हूँ की आज का टॉपिक पसंद आया होगा ।

ऐसे ही जानकारी के लिए जुड़े रहिए ILEARN-WELEARN पर । 

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